Thursday, September 2, 2010

किस्सा tight jeans का

3 -4 महिनो पहले खरीदी हुइ jeans अब tight होने लगी थी|  हम ठहरे गाँव के गवार, tight jeans से परेशान हो गए थे| सोचा इस समस्या का समाधान शायद पंच के पास हो | पंच ने कहा हमे तो कुछ नहीं पता सरपंच से पूछते है | फिर क्या था सरपंच ने विधायक से पूछा, विधायक ने सांसद से पूछा, सांसद ने प्रधानमंत्री पूछा और प्रधान मंत्री ने मदमजी से पूछा | मदमजी ने अपने खासम खासो से पूछा | एक आम आदमी की छोटी सी समस्या का समाधान किसी के पास नहीं है यह देख कर हमे दुःख हुआ | लेकिन हम कर भी क्या सकते थे | हमे अपनी  tight jeans की फिकर हो रही थी | पंच ने हमे बताया की हमारी समस्या को सरकार ने बड़े ही संजीदे तरीके से लिया और इसका हल निकालने के लिए एक सयुंक्त जाँच कमिटी का गठन किया है | इस बात को सुनकर हमे बड़ी ख़ुशी हुई | पंच साहेब ने बताया की कमिटी की रिपोर्ट ३ महीनो में आ जाएगी | 
३ महीने, तब तक हम  tight jeans से काम चलाते रहे | गाव वाले कभी हमे सचिन सचिन चिड़ाने लगे थे | जैसे तैसे ३ महीने बिताये लेकिन उसके बाद में भी जब कुछ नहीं हुआ तो हम फिर से  पंच के शरण  में पहुच गए | पंच हमे सरपंच के पास ले गए, सरपंच विधायक के पास, विधायक सांसद के पास | सांसद तो हमे देखते ही भड़क उठे | 
उन्होंने बताया की रिपोर्ट तो १ महीने में ही आ गयी थी लेकिन सरकार पर दबाव है | रिपोर्ट अब आने में टाइम लगेगा १-२ साल के बाद ही रिपोर्ट आएगी | सांसद ने समझाया सरकार को डर है इस रिपोर्ट के आने के बाद कही jeans बनाने वाली कम्पनियों को प्रॉब्लम ना हो जाये | अगर उन्हें कुछ हुआ तो पार्टी को अगले चुनाव के लिए चंदा नहीं मिलेगा | विपक्ष भी इस मौके को छोड़ेगा नहीं | वैसे भी जब पिछले चुनाव में उन्हें इन कम्पनियों ने चंदा नहीं दिया था, विपक्ष वाले तभी से इंतज़ार में है की कुछ मुद्दा मिले और पुरे jeans कारोबार पर ताला जड़ दे | बात यही तक होती तो भी हम लोग निपट लेते इस रिपोर्ट का असर तो अमेरिका से होने वाली संधि पर भी पड़ेगा | अमेरिका चाहता है की भारत में वहा के धागे से ही  jeans बने | अब जब कम्पनी ही नहीं होगी तो धागे कहा से आयेंगे| 
इतना सुनते ही पंच और सरपंच परेशान हो गए | अगर हमारी tight jeans  की बात अमेरिका तक पहुच गयी और उसे पता चल गया की उसके धागे की धंधे में हमारी वजह से रुक गया तो हमसे बदला लेने पुरे गाव पे मिसाइल गिरा देगा | सरपंच ने हमारे पाँव पकड़ लिए और बोले ओमी भैया लगे तो हमारी धोती पहन लो लेकिन अब इस tight jeans की बात को जाने दो | अब वक़्त और हालत ने हमे पुरे गाव का तारणहार बना दिया | हमने भी अपने निजी हितो को त्याग करके अपनी jeans को आग लागा दी और धोती अपना ली | धोती पहनने का एक और फायदा है यह कभी tight नहीं होती |

14 comments:

  1. Wah OP babu .. post mein kafi gahrai hai ..
    aur bhasha-shaili bhi kafi achchi hai :-)

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  2. ye are kya hai bhai.. bahut koshish kiya ki aap kya message dena chah rahe hai par kuch samajh nahi aaya lagta hai kafi gahari se likha hai.. ek dum uper se gaya :P

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  3. Good one OP ji....
    Jeans ke aad me aapne prajatantr ki aachi pole kholi hai ;)

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  4. तंग जीन के बहाने प्रजातंत्र की पोल खोल दी |

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  5. अच्छी प्रस्तुति...बधाई

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  6. Badhiya---prastuti--hardika badhai.

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  7. आप सभी का धन्यवाद

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  8. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
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    धन्‍यवाद

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  11. btw op america wale bhi ab India mein jeans kharidte hain

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